Satnami Samaj Protest: ‘बिना शर्त सतनामी समाज के लोगों को रिहा किया जाए’, चंद्रशेखर के बाद मायावती की बड़ी मांग

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Mayawati, chandrashekhar
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Satnami Samaj Protest: छत्तीसगढ़ में आक्रोशित सतनामी समाज की आवाज अब राज्य के बाहर भी गूंजने लगी है. देश के कई जाने-माने नेता सतनामी समाज के आंदोलन को समर्थन देते दिखाई दे रहे हैं. आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद (कांशीराम) के बाद अब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने भी जैतखाम को काटने और बलौदा बाजार मामले में चिंता जाहिर की है.

बता दें कि 15-16 मई की दरमियानी रात सतनामी समाज के पवित्र स्थल अमरदास गुफा स्थित जैतखाम को असमाजिक तत्वों ने नुकसान पहुंचाया था. इसके बाद गुस्साए सतनामी समाज के लोगों ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर 10 जून को बलौदा बाजार में उग्र प्रदर्शन किया. इस दौरान तोड़फोड़, आगजनी की भी घटना हुई.

इसे लेकर अब बसपा प्रमुख ने एक्स पर पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने सतनामी समाज के लोगों की गिरफ्तारी की भी निंदा की है. उन्होंने कहा कि सतनामी समाज के लोगों की गिरफ्तारी और मारपीट के ऊपर रोक लगाई जा और उन्हें बिना शर्त तत्काल रिहा किया जाए. मायावती ने असली दोषियों के ऊपर जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है.

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मायावती ने की ये मांग

बसपा प्रमुख ने एक्स पर पोस्ट किया, छत्तीसगढ़ में सतनामी समाज के आस्था के केन्द्र गिरौदपुरी से लगा हुआ अमर गुफा में असामाजिक तत्वों के द्वारा परमपूज्य बाबा गुरूघासी दास जी के जय स्तंभ को काटकर फेक दिया जाना अति-चिन्ताजनक.

उन्होंने आगे लिखा, इसके विरोध में सतनामी समाज द्वारा CBI जांच की मांग को लेकर बलौदा बाजार में किये गए धरना प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर परिसर में षड्यंत्रकारी असामाजिक तत्वों द्वारा की गई तोड़-फोड़ आदि की घटना भी अति निदंनीय है.

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मायावती ने मांग की, उक्त घटना की आड़ में शासन प्रशासन द्वारा निर्दोष सतनामी समाज के लोगों की गिरफ्तारी व मारपीट के ऊपर रोक लगाई जाये तथा उन्हें बिना शर्त तत्काल रिहा किया जाये व असली दोषियों के ऊपर जांच कर कार्रवाई की जाए.

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क्या है मामला?

बता दें कि सतनामी समाज के लोग जहां जैतखाम को नुकसान पहुंचाने की कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. वहीं बलौदाबाजार में हुई घटना को लेकर भी पुलिस ने एक्शन लिया है. इसे लेकर विपक्ष का आरोप है कि छत्तीसगढ़ पुलिस बेगुनाहों पर कार्रवाई कर रही है. पिछले दिनों पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इसी तरह के आरोप लगाए थे. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि सतनामी समाज के लोगों के साथ मारपीट की जा रही है और उन्हें कांग्रेस नेताओं को फंसाने के लिए दबाव डाला जा रहा है.

 

चंद्रशेखर के बाद मायावती का मिला साथ

सांसद और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने भी सतनामी समाज के लोगों की गिरफ्तारी का आरोप लगाते हुए साय सरकार पर तीखा हमला बोला था. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा था कि जरूरत पड़ने पर वे सतनामी समाज की आवाज दिल्ली में भी उठाएंगे. बहरहाल अब मायावती ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. लिहाजा अब सवाल उठता है कि देश के इन बड़े दलित नेताओं के साथ आने के बाद सतनामी समाज की मांग पूरी हो जाएगी?

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