6 महीने में 145 मौतों के बाद सरकार सख्त, स्लीपर कोच बसों के लिए लागू हुए ये सेफ्टी नियम

पिछले छह महीनों में स्लीपर बस हादसों में 145 मौतों के बाद सरकार ने सख्त नियम लागू किए हैं. अब स्लीपर बसें सिर्फ मान्यता प्राप्त कंपनियां बनाएंगी. सभी बसों में फायर अलार्म, ADAS और AIS-052 कोड का पालन अनिवार्य होगा.

sleeper bus
sleeper bus
social share
google news

जैसलमेर में 3 महीने पहले एक स्लीपर बस में आग लगने से 20 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई. पिछले साल 24 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश में चलती बस में आग लगने से 20 लोग जिंदा जल गए. ऐसी ही एक घटना 18 दिसंबर को देहरादून में हुई, जहां 40 छात्रों से भरी बस में आग लग गई....पिछले 6 महीने में आग लगने से करीब 145 लोगों की जान गईं. अब केंद्र सरकार ने स्लीपर कोच बसों को लेकर नए नियम बनाए हैं. गुरुवार को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अब स्लीपर बसों का निर्माण हर कोई नहीं कर पाएगा.

केवल सर्टिफाइड कंपनियां ही बनाएंगी बसें

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, अब केवल उन्हीं ऑटोमोबाइल कंपनियों या मैन्युफैक्चरर्स को बस बनाने की इजाजत होगी, जिन्हें केंद्र सरकार से मान्यता मिली हुई है.

अब तक कई ट्रैवल एजेंसियां स्थानीय बॉडी बिल्डर्स से अपनी सुविधा अनुसार बसें तैयार करवा लेती थीं, जिनमें सेफ्टी सेंटर्ड का ध्यान नहीं रखा जाता था. अब लॉकल और मैनुअल बॉडी मैन्युफैक्चरर्स पर इस काम के लिए रोक लगा दी गई है.

यह भी पढ़ें...

पुरानी बसों में भी लगेंगे सेफ्टी टूल्स

सरकार ने नई बसों के अलावा सड़कों पर दौड़ रही मौजूदा स्लीपर बसों के लिए भी गाइडलाइन जारी की है. अब सभी पुरानी स्लीपर बसों में फायर डिटेक्शन सिस्टम, इमरजेंसी लाइटिंग और इमरजेंसी एग्जिट का होना अनिवार्य होगा. इसके अलावा, ड्राइवर को नींद आने पर अलर्ट करने वाला ADAS (Advanced Driver Assistance System) और सेफ्टी हैमर भी लगाना होगा.

क्या है नया बस बॉडी कोड?

अब सभी स्लीपर बसों के लिए AIS-052 बस बॉडी कोड का पालन करना जरूरी है. यह एक ऑफिशियली सेफ्टी सेंटर्ड है जो बस की बॉडी और उसकी मजबूती को तय करता है. 1 सितंबर 2025 से मॉडिफाइड बस बॉडी कोड लागू हो चुका है. जो बसें इन नियमों पर खरी नहीं उतरेंगी, उन्हें सड़क पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

वीडियो: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताए नए नियम

1 सितंबर 2025 से मॉडिफाइड बस बॉडी कोड लागू

अब सभी स्लीपर बसों के लिए AIS-052 बस बॉडी कोड का पालन करना जरूरी है. यह एक ऑफिशियली सेफ्टी सेंटर्ड है. इसमें बस की बनावट, स्ट्रक्चर और सुरक्षा से जुड़े जरूरी नियम तय किए गए हैं. 1 सितंबर 2025 से मॉडिफाइड बस बॉडी कोड लागू हो चुका है.

कर्नाटक में भीषण सड़क हादसा: डिवाइडर फांदकर लॉरी ने बस को मारी टक्कर, 9 यात्री जिंदा जले

    follow on google news