1 जनवरी को राबड़ी आवास पर ऐसा क्या हुआ कि तेज प्रताप के घर-वापसी की चर्चाएं हो गई तेज?
Tej Pratap Yadav Homecoming: नए साल 2026 के पहले दिन तेज प्रताप यादव के राबड़ी आवास पहुंचने से बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. 7 महीने बाद मां राबड़ी देवी के जन्मदिन पर पहुंचे तेज प्रताप ने सोशल मीडिया पोस्ट और कांग्रेस पर दिए बयान से घर-वापसी की चर्चाओं को हवा दे दी है. क्या तेज प्रताप यादव की लालू परिवार में वापसी होने वाली है? जानिए राबड़ी आवास में क्या हुआ, संकेत क्या हैं और पूरा राजनीतिक गणित.

नए साल की शुरुआत के साथ ही बिहार की सियासत लालू फैमिली की वजह से एक बार फिर गरमा गई है. इस बार वजह लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के घर वापसी को लेकर चल रही चर्चाएं है. जिस प्रकार 7 महीने बाद तेज प्रताप अपने घर पहुंचे और अपनी मां के साथ बिताए खुशियों के पल को सोशल मीडिया पर शेयर किया और फिर मीडिया के सामने कांग्रेस के बारे में जो कुछ भी कहा उसके बाद नए साल में उनकी वापसी की बातें शुरु हो गई है. आइए विस्तार से जानते हैं क्या है पूरा मामला और चर्चाओं के पीछे की वजह.
तेज प्रताप पहुंचे राबड़ी आवास
दरअसल 1 जनवरी को तेज प्रताप यादव राबड़ी आवास पहुंचे और उन्होंने अपनी मां का जन्मदिन मनाया. राबड़ी देवी ने केट भी काटा और वहीं तेज प्रताप ने खुशी के साथ इस पल को सेलिब्रेट किया. इस सेलिब्रेशन की तस्वीर शेयर करते हुए तेज प्रताप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी मां के लिए इंग्लिश में एक मैसेज भी लिखा. इस मैसेज में तेज प्रताप ने लिखा कि,
"जन्मदिन मुबारक हो मां. आप हमारे परिवार की आत्मा हैं. हर हंसी, हर प्रार्थना, हर पल जो घर जैसा लगता है आप ही की देन है. यह जीवन जो हम जी रहे हैं, यह जिंदगी जो हम जीते हैं- गर्मजोशी भरी, अधूरी, प्यार से भरी, यह सब आपकी वजह से है. आपने इसे तब संभाला जब हमें पता भी नहीं था कि संभालना क्या होता है. आप मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं. आपने बिना कुछ गिने दिया, बिना किसी शर्त के प्यार किया, और तब भी मजबूत खड़ी रहीं जब किसी ने नहीं देखा कि यह कितना मुश्किल था. कहते हैं कि जब भगवान हर जगह नहीं हो सकते, तो वे मां को भेजते हैं. और हम सब बहुत खुशकिस्मत हैं क्योंकि हमारे पास आप हैं."
कांग्रेस और राजद विवाद पर तेज प्रताप का तंज
तेज प्रताप ने इस सेलिब्रेशन के बाद मीडिया से बातचीत भी की. इस दौरान उन्होंने कहा कि, आज हमारी माता जी का जन्मदिन था, इसलिए मैंने उनसे आशीर्वाद लेने का काम किया है. हमने साथ में केक काटा और बातचीत भी हुई. इसी बीच जब तेज प्रताप से राजद और कांग्रेस में शुरू हुई खटपट पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि, कांग्रेस के नेता लोगों का शुरू से यही रवैया रहा है. कांग्रेस के लोग ही बदमाशी और खिटपिट करते है. इन लोगों को सिर्फ कुर्सी से मतलब है. कांग्रेस के लोगों से कोई मतलब नहीं है कि जनता बेहाल है, परेशान है, दर्द में है? इनको बस कुर्सी से मतलब है.
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तेज प्रताप के पोस्ट और कांग्रेस पर दिए गए बयान के बाद से ही चर्चाएं काफी तेज हो गई है कि नए साल में अब पुराने चीजों को छोड़कर हो सकता है कि परिवार एक बार फिर एकजुट हो जाए.
यहां देखें तेज प्रताप का पोस्ट
क्या तेज प्रताप की होगी घर-वापसी?
अब सवाल आता है कि तेज प्रताप यादव के घर-वापसी के क्या-कुछ संकेत है? तो पहला यह कि 25 मई 2025 को घर से बाहर निकाले जाने के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि तेज प्रताप यादव घर पहुंचे. इससे पहले भी परिवार में कई आयोजन जैसे लालू यादव का बर्थडे, तेजस्वी को बेटा होने हुए है, लेकिन वे वहां मौजूद नहीं थे. अब नए साल के पहले दिन अचानक पहुंचना संकेत है कि धीरे-धीरे जो चीजें थी वह शांत हो रही है और अब परिवार एक साथ आ रहा है.
दूसरी वजह है कि परिवार से किसी ने भी उनका विरोध नहीं किया है. बिहार में जब चुनाव प्रचार चल रहे थे, उस दौरान तेज प्रताप को लेकर राबड़ी देवी ने साफ कहा था कि, घर से निकाल दिया गया है, लेकिन मन और दिल से थोड़ी ना निकाला है. इसके साथ ही रोहिणी आचार्य ने भी उन्हें चुनाव जीतने के लिए आशीर्वाद दिया था. इससे साफ होता है कि परिवार के अंदर उनके लिए कोई भी प्रतिरोध की भावना रखने वाले लोग नहीं है.
घर वापसी तेज प्रताप की मजबूरी?
अब एक सवाल यह भी है कि क्या घर वापसी अब तेज प्रताप यादव की मजबूरी बन गई है? इसके पीछे की वजह तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल की चुनावी हार है, जहां पार्टी 44 सीटों पर चुनाव तो लड़ी, लेकिन ना तो खुद तेज प्रताप जीते और ना ही कोई भी जीता. कहा जा रहा है कि तेज प्रताप यादव का अभी जनाधार काफी मजबूत नहीं है और ना ही उनके पास राजद इतनी बड़ी कोई संगठन भी है. वहीं दूसरी ओर भले ही इस चुनाव में राजद पिछड़ गई है लेकिन उनका अपना एक जनाधार है जिसकी वजह से वह अभी तक मजबूती के साथ खड़ी है. इसलिए अगर तेज प्रताप और तेजस्वी एक साथ चुनाव लड़ते तो शायद इस चुनाव में परिणाम बेहतर आ सकते थे, जिससे की तेज प्रताप को ही ज्यादा फायदा होता.
क्यों निकाला गया था तेज प्रताप को बाहर?
तेज प्रताप के घर से बाहर निकाले जाने की कहानी भी अजीबो-गरीब ही है. 24 मई को तेज प्रताप यादव के फेसबुक प्रोफाइल से एक फोटो पोस्ट हुआ जिसके कैप्शन में साफ लिखा था कि तेज प्रताप और अनुष्का यादव पिछले 12 साल से रिलेशनशिप में है. इसी पोस्ट में तेज प्रताप और अनुष्का का एक फोटो भी था. फिर कई बार यह पोस्ट डिलीट हुआ और वापस पोस्ट हुआ. इसके साथ ही कई फोटोज और वीडियो भी वायरल हुए, जिसका बाद यह चर्चा का विषय बन गया. मामला को तूल पकड़ता देख राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने तेज प्रताप को पार्टी और घर से 6 साल के लिए बाहर निकाल दिया था.
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