बृजभूषण शरण सिंह के घर 'दबदबा' दिखा गए अवधी सिंगर संजय यदुवंशी, बेकाबू भीड़ के चलते पुलिस ने किया नजरबंद!
सुल्तानपुर के मशहूर यूट्यूबर और अवधी गायक संजय यदुवंशी जब गोंडा में बृजभूषण शरण सिंह के कार्यक्रम में पहुंचे तो उन्हें देखने के लिए ऐसी भारी भीड़ उमड़ी कि पुलिस को सुरक्षा के लिए उन्हें कमरे में 'नजरबंद' करना पड़ा.

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के आवास नंदिनी नगर में आयोजित 'राष्ट्रकथा' इन दिनों सुर्खियों में है. वैसे तो यहां पवन सिंह जैसे बड़े स्टार्स और कई बाहुबली दिग्गज पहुंच रहे हैं, लेकिन सुल्तानपुर के मशहूर यूट्यूबर, कॉमेडियन और सिंगर संजय यदुवंशी के पहुँचते ही जो मंजर दिखा, उसने सबको हैरान कर दिया. हालात ऐसे बिगड़े कि सुरक्षा कारणों से पुलिस को संजय को कुछ देर के लिए नजरबंद तक करना पड़ा.
बेकाबू हुई भीड़-लाठीचार्ज की आ गई थी नौबत
जैसे ही संजय यदुवंशी नंदिनी नगर के गेट पर पहुँचे, उन्हें देखने के लिए प्रशंसकों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा. स्थिति इतनी अनियंत्रित हो गई कि प्रशासन के लिए भीड़ को संभालना मुश्किल हो गया. खुद संजय यदुवंशी ने वीडियो जारी कर बताया कि अगर वे आगे बढ़ते, तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ता. इसलिए उन्होंने खुद ही पीछे हटना मुनासिब समझा. भीड़ से बचाने के लिए पुलिस ने उन्हें करीब 3-4 घंटे एक कमरे में सुरक्षित रखा, जिसे सोशल मीडिया पर 'नजरबंद' बताया जा रहा है.
दबदबा तो लड़के ने दिखा दिया
सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. यूजर्स कमेंट कर रहे हैं कि दबदबा सिंह के घर में घुसकर किसी और ने अपना दबदबा दिखा दिया. कुछ लोग तो संजय यदुवंशी की तुलना बड़े स्टार्स से करते हुए उन्हें अवध का असली चमकता सितारा बता रहे हैं.
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फर्श से अर्श तक का सफर
संजय यदुवंशी का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है. सुल्तानपुर के एक साधारण किसान परिवार से तावे रखने वाले संजय कभी आर्मी में जाना चाहते थे या UPSC करना चाहते थे, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण ऐसा न हो सका. 2020 में मिले एक स्मार्टफोन से कॉमेडी वीडियो बनाना शुरू किया.
- कामयाबी: भाई शिवा यादव के साथ मिलकर YouTube पर छा गए. कॉमेडी के बाद '108 पर लत के जाबा' गाने ने उन्हें सिंगिंग का बड़ा स्टार बना दिया.
- तरक्की: पहली कमाई से रेंजर साइकिल खरीदने वाले संजय के पास आज स्कॉर्पियो, थार और बुलेट जैसी गाड़ियां हैं.
विवाद भी आया सामने
संजय के इस दौरे को लेकर एक नया विवाद भी खड़ा हो गया है. कुछ सूत्रों का कहना है कि उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया था, जबकि संजय के परिवार का दावा है कि उन्हें तीन दिन पहले कॉल कर विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था.
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