बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर, प्रशांत किशोर बनेंगे कांग्रेस के नए साथी? RJD से क्यों बढ़ रही है दूरियां!
Bihar Politics Update: बिहार विधानसभा चुनाव के बाद महागठबंधन में दरार गहरी होती दिख रही है. कांग्रेस और RJD के बीच सीटों और वोट ट्रांसफर को लेकर तकरार बढ़ गई है. इसी बीच प्रशांत किशोर की कांग्रेस नेतृत्व से बढ़ती नजदीकियां सियासी चर्चाओं को हवा दे रही हैं. क्या PK कांग्रेस के नए रणनीतिक साथी बनेंगे और क्या RJD से दूरी बढ़ेगी? जानिए बिहार की राजनीति का पूरा समीकरण.

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है. महागठबंधन के भीतर दरारें अब खुलकर सामने आने लगी हैं. चर्चा यह है कि क्या कांग्रेस और आरजेडी (RJD) का सालों पुराना गठबंधन टूटने के कगार पर है? और क्या चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर (PK) कांग्रेस के नए 'खेवनहार' बनेंगे? आइए समझते हैं पूरी कहानी.
कांग्रेस और RJD के बीच क्यों बढ़ी तकरार?
वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक अरुण पांडे का मानना है कि इस चुनाव में आरजेडी और कांग्रेस दोनों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. तेजस्वी यादव के सरकार बनाने के दावों के बीच आरजेडी की सीटें कम हुईं, वहीं 60 सीटों पर लड़ने वाली कांग्रेस महज 6 सीटों पर सिमट गई.
चुनाव के बाद कांग्रेस के भीतर यह सुर उठने लगे हैं कि आरजेडी के साथ गठबंधन से उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ. कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि आरजेडी का वोट बैंक उन्हें ट्रांसफर नहीं हुआ, जबकि आरजेडी का मानना है कि कांग्रेस को ज्यादा सीटें देना उनकी हार का एक बड़ा कारण बना.
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प्रशांत किशोर की भूमिका और कांग्रेस से नजदीकियां
बीते कुछ समय से दिल्ली में प्रशांत किशोर की राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात की खबरें सुर्खियों में रही हैं. हालांकि बिहार में प्रशांत किशोर की पार्टी 'जन सुराज' का खाता नहीं खुला, लेकिन उनके पास बीजेपी के बाद एक मजबूत सांगठनिक ढांचा तैयार है.
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि कांग्रेस अब बिहार में अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए प्रशांत किशोर का साथ ले सकती है. हालांकि, जानकारों का कहना है कि आरजेडी और कांग्रेस के बीच दूरी की मुख्य वजह प्रशांत किशोर नहीं, बल्कि दोनों पार्टियों का आपसी तालमेल और खराब प्रदर्शन है.
क्या होगा अगला कदम?
प्रशांत किशोर ने फिलहाल अपने संगठन की सभी इकाइयां भंग कर दी हैं और 2026 में नए सिरे से शुरुआत करने की तैयारी में हैं. वहीं तेजस्वी यादव फिलहाल विदेश दौरे से लौट चुके हैं. आने वाले समय में होने वाले पंचायत चुनावों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ती है या प्रशांत किशोर के साथ मिलकर कोई नया समीकरण बनाती .
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