राजस्थान पुलिस की जांबाजी पर बनी फिल्म 'सागवान', रील नहीं रियल अफसर लीड रोल में
राजस्थान पुलिस की सच्ची घटनाओं पर आधारित फिल्म सागवान जल्द रिलीज होने वाली है. खास बात यह है कि फिल्म में असली पुलिस अफसर एक्टिंग कर रहे हैं.

राजस्थान पुलिस की जांबाजी पर आधारित फिल्म 'सागवान' जल्द ही दर्शकों के सामने आने वाली है. इस फिल्म की खास बात यह है कि इसमें एक्टिंग करने वाले किरदार कोई प्रोफेशनल एक्टर नहीं बल्कि खुद पुलिस अफसर हैं, जो असल जिंदगी में भी वही लड़ाई लड़ चुके हैं.
उदयपुर पुलिस के अफसर लीड रोल में
फिल्म में उदयपुर पुलिस के सब-इंस्पेक्टर हिमांशु सिंह राजावत मुख्य भूमिका निभा रहे हैं. उनके साथ ASI सुनील बिश्नोई भी अहम किरदार में नजर आएंगे. दोनों अफसर अपना रियल अनुभव इस फिल्म के साथ लेकर आ रहे हैं.
ट्रेलर लॉन्च, ADG ने की तारीफ
फिल्म का ट्रेलर हाल ही में लॉन्च किया गया है. खास बात यह रही कि राजस्थान पुलिस के एडीजी दिनेश एम.एन. ने खुद ट्रेलर लॉन्च किया और फिल्म के सामाजिक संदेश की सराहना की.
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अंधविश्वास के खिलाफ कानून की लड़ाई
सागवान की कहानी उस पुलिस अधिकारी के संघर्ष को दिखाती है, जो अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र और झूठी मान्यताओं में जकड़े समाज के खिलाफ डटकर खड़ा होता है. फिल्म यह संदेश देती है कि विज्ञान और कानून के सामने अंधी आस्था टिक नहीं सकती.
प्रतापगढ़ के केस से आया फिल्म का विचार
सीआई हिमांशु सिंह राजावत के मुताबिक, फिल्म बनाने का विचार उन्हें प्रतापगढ़ में तैनाती के दौरान एक बेहद पेचीदा केस से आया. यह केस उनके करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण मामलों में से एक था, जिसे सुलझाने में महीनों की कड़ी मेहनत लगी.
2019 के मर्डर केस से जुड़ी सच्चाई
फिल्म 2019 के एक मर्डर केस समेत कई सच्ची घटनाओं पर आधारित है. ये घटनाएं दक्षिण राजस्थान के सागवान के जंगलों और आदिवासी इलाकों से जुड़ी हैं, जहां अंधविश्वास के चलते तांत्रिकों का प्रभाव लंबे समय तक बना रहा.
तांत्रिकों के जाल में फंसा समाज
फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह झूठे तांत्रिक सिद्धि और चमत्कार का लालच देकर लोगों को बहकाते हैं. इस अंधी आस्था का सबसे खौफनाक रूप तब सामने आता है, जब मासूम नाबालिग बच्चियों की बलि तक दी जाती है.










