दलित महिला की मौत पर सियासत तेज, मेरठ में सपा सांसद को पुलिस ने रोका, धरने पर बैठे अतुल प्रधान

मेरठ में दलित महिला की हत्या के बाद पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे सपा सांसद रामजी लाल सुमन को पुलिस ने रोका, जिससे नाराज विधायक अतुल प्रधान ने पुलिस से तीखी झड़प के बाद सड़क पर धरना शुरू कर दिया. परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए अंतिम संस्कार किया है.

दलित महिला की मौत पर हंगामा
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उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक दलित महिला की मौत और उसकी बेटी के अपहरण की कोशिश के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. इस घटना को लेकर इंसाफ की मांग कर रहे समाजवादी पार्टी के नेताओं और पुलिस के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिला. मामला उस समय और बिगड़ गया जब सपा के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया. 

पुलिस और सपा नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक

मेरठ के सरधना क्षेत्र के कपसार गांव जा रहे सपा सांसद रामजी लाल सुमन और विधायक अतुल प्रधान को परतापुर टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल ने रोक लिया. इस दौरान पुलिस और सपाई फौज के बीच तीखी बहस हुई जो देखते ही देखते धक्कामुक्की में बदल गई. अपने सांसद के साथ पुलिस का यह व्यवहार देख सरधना विधायक अतुल प्रधान का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.

धरने पर बैठे अतुल प्रधान, लगाए गंभीर आरोप

धक्का-मुक्की के बीच ही अतुल प्रधान सड़क पर धरने पर बैठ गए. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर विपक्षी नेताओं को पीड़ित परिवार से मिलने से रोक रही है ताकि इस मामले से जुड़ी बड़ी साजिश और राज सामने न आ सकें. विधायक ने पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया. 

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क्या है पूरा मामला?

मेरठ के सरधना के कपसाड़ गांव में एक दलित महिला और उसकी बेटी के साथ रास्ते में वारदात हुई थी. आरोप है कि पारस राजपूत नाम के शख्स ने मां के सामने ही बेटी को अगवा करने की कोशिश की. जब मां ने इसका विरोध किया, तो उस पर जानलेवा हमला किया गया, जिससे अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. महिला की मौत के बाद से ही इलाके में तनाव है और परिजन आरोपी की गिरफ्तारी व बेटी की सकुशल वापसी की मांग कर रहे हैं.

प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम

काफी हंगामे और समझाइश के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए लेकिन उन्होंने पुलिस के सामने सख्त शर्त रखी है. प्रशासन को अल्टीमेटम दिया गया है कि 48 घंटे के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी और लड़की की बरामदगी की जाए. फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है.

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