Bihar: लालू के दोनों 'लाल' में भयंकर दरार! आमने-सामने हुए तेजस्वी-तेजप्रताप तो ऐसा क्या हुआ की होने लगी चर्चा
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में तेजस्वी और तेज प्रताप यादव के बीच दिखी बेरुखी ने लालू परिवार की आपसी कलह को पूरी तरह जगजाहिर कर दिया है। कोर्ट परिसर में आमने-सामने होने के बावजूद दोनों भाइयों ने एक-दूसरे से बात तक नहीं की, जो बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान शुरू हुई उनकी गहरी राजनीतिक और पारिवारिक दरार को दर्शाता है.

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार में मची रार अब खुलकर सामने आने लगी है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में आज एक ऐसा नजारा दिखा जिसने साफ कर दिया कि तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव के बीच की दूरियां अब 'भयंकर दरार' में बदल चुकी हैं. कोर्ट परिसर में दोनों भाई आमने-सामने हुए, एक-दूसरे को क्रॉस किया, लेकिन न तो तेज प्रताप ने छोटे भाई का हाल पूछा और न ही तेजस्वी ने बड़े भाई को नमस्ते किया.
विधानसभा चुनाव से शुरू हुई कड़वाहट
दोनों भाइयों के बीच इस खटास की नींव बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पड़ी थी. तेज प्रताप यादव के निजी जीवन से जुड़े कुछ वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें परिवार और पार्टी से किनारे कर दिया गया था. तेज प्रताप ने इसके लिए पार्टी के कुछ 'जयचंदों' को जिम्मेदार ठहराया और इशारों-इशारों में तेजस्वी पर भी निशाना साधा था.
महुआ और राघोपुर की जंग ने बढ़ाई दूरियां
कड़वाहट तब और बढ़ गई जब तेज प्रताप ने महुआ से अपनी अलग पार्टी बनाकर चुनाव लड़ा, वहीं तेजस्वी ने वहां आरजेडी से मुकेश रोशन को उम्मीदवार बनाया. तेजस्वी खुद महुआ जाकर तेज प्रताप के खिलाफ चुनाव प्रचार करने लगे, जिसके जवाब में तेज प्रताप ने तेजस्वी को 'दूधमुंहा बच्चा' तक कह दिया और उनके खिलाफ राघोपुर तक पहुंच गए थे [01:42].
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एनडीए नेताओं से बढ़ती नजदीकियां
विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद जहां आरजेडी की सीटें घटीं, वहीं तेज प्रताप का रुख और भी बदल गया. वे अब एनडीए नेताओं को जीत की बधाई दे रहे हैं और मकर संक्रांति के मौके पर दही-चूड़ा भोज के लिए एनडीए के दिग्गजों को न्योता देने उनके घर पहुंच रहे हैं [02:40]. परिवार से दूर होकर तेज प्रताप का एनडीए की ओर यह झुकाव लालू परिवार के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है.
कोर्ट की तस्वीर ने सब कुछ कर दिया साफ
आज कोर्ट में हुई इस बेरुखी ने साबित कर दिया कि लालू के दोनों लाल के बीच अब बातचीत का रास्ता लगभग बंद हो चुका है.
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